सोलर सिस्टम, solar system

आप सभी ने सौरमंडल और वहां मौजूद ग्रह के बारे में तो जरूर पढ़ा और सुना होगा. हमारा सौर मंडल कई रहस्यों से भरा पड़ा है, इसमें अभी तक केवल आठ ग्रहों के बारे में ही जान पाया है. इसी जानकारी के अनुसार चार ऐसे ग्रह है. जिन्हें हम ‘गैस दानव’ कहते हैं क्योंकि वहां मिटटी-पत्थर के बजाय अधिकतर गैस हैं. इसी सन्दर्भ में आज हम आपको अरुण ग्रह यानी यूरेनस के बारे में बताने जा रहे हैं.

अरुण ग्रह [Uranus] :
यूरेनस सूर्य से 7वा ग्रह है। ग्रीक पौराणिक कथाओं के अनुसार इसका नाम आकाश के ग्रीक देवता, जो जीसस के दादा और क्रोनस के पिता थे। सौरमंडल में यह चौथा सबसे बड़ा ग्रह है।
• सूर्य से दूरी: 2.871 बिलियन किमी
• कक्षीय अवधि: 84 वर्ष

यह सौरमंडल का पहला ऐसा ग्रह है, जिसे टेलिस्कोप से ढूंढा गया था| यह सौरमंडल के आठ ग्रहों में सूर्य से दूरी के आधार पर सातवां सबसे दूर ग्रह है. यूरेनस अपने अक्ष पर करीब 17 घंटे में एक चक्कर पूरा कर लेता .इसका सीधा-सीधा मतलब है कि यूरेनस पर एक दिन मात्र 17 घंटे का ही होता .यहां का एक साल पृथ्वी के 84 साल के बराबर होता है.

अरुण पर 42 साल तक रात और 42 साल तक दिन होता .इसका कारण यह है कि अरुण पर दोनों में से एक पोल यानी ध्रुव लगातार 42 साल तक सूर्य के सामने और दूसरा अंधकार में होता है.  यही वजह है कि यह ग्रह बहुत ही ठंडा है क्योंकि यह ग्रह सूर्य से लगभग तीन अरब किलोमीटर दूर है.

इस ग्रह का औसत तापमान -197 डिग्री सेल्सियस होता है. वैज्ञानिकों के अनुसार, अरुण का न्यूनतम तापमान -224 डिग्री सेल्सियस पाया गया है. जिस प्रकार पृथ्वी का एक उपग्रह चंद्रमा है, वही अरुण के कुल 27 प्राकृतिक उपग्रह यानी चंद्रमा हैं. इस ग्रह का मौसम बहुत ही असामान्य रहता .यहां हमेशा तूफान जैसा माहौल बना रहता .यहां हवाएं काफी तेज चलती रहती हैं जो अधिकतम 900 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंच जाती हैं. 

सूर्य के अधिक दूरी होने के कारण इस ग्रह पर सूर्य की किरणों को पहुंचने में 2 घंटे 40 मिनट का समय लगता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि अरुण ग्रह पर मीथेन गैस की अधिकता, तापमान और हवा के कारण यहां हीरे की बारिश होती हो. 

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