दोस्तों, जब पूरी दुनिया नया वर्ष 2020 का स्वागत करने की तैयारी में खुशियाँ मना रही थी वही एशिया महाद्वीप में देश चीन प्रान्त हुबेई से कुछ हैरान व चिंतित करने वाली खबर आई | हम बात कर रहे है चीन में फैले एक बुखार की. पहले तो यह बुखार एक सामान्य निमोनिया की तरह व्यवहार करने वाल मालूम ज्ञात हुआ परन्तु जब इस बुखार से पीड़ित मरीजो की संख्या में बढोतरी होने लगी और इसका इलाज कुछ असाध्य सा मालूम हुआ तब चीन स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO ) ने 31 दिसंबर 2019, को चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में इस निमोनिया बुखार के बारे में सतर्कता बरतते हुआ कहा कि यह वायरस किसी अन्य ज्ञात वायरस से मेल नहीं खाता है हमें इसके बारे में चिंता करनी चाहिए क्योंकि जब कोई वायरस नया होता है, तो हम नहीं जानते कि यह लोगों को कैसे प्रभावित करेगा।

इसके ठीक एक सप्ताह बाद, 7 जनवरी को, चीनी अधिकारियों ने पुष्टि की कि उन्होंने एक नए वायरस की पहचान की है। नया वायरस एक “कोरोना वायरस” (CoronaVirus) है, जो एक ऐसे वायरस परिवार का हिस्सा है जिसमें सामान्य सर्दी और सार्स /SARS (Severe acute respiratory syndrome) और मेर्स/ MERS (Middle East respiratory syndrome) वायरस जैसे लक्षण शामिल हैं। इस नए वायरस को अस्थायी रूप से “2019-nCoV” नाम दिया गया था।

अभी तक चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है| इससे संबंधित निमोनिया के अब तक 4,515 पुष्ट मामले सामने आए हैं| एक अनुमान के मुताबिक इसके मामले और बढ़ने की संभाबना है क्यूंकि अभी तक इसका कोई ठोस इलाज नहीं बन पाया है |

दोस्तों, इस पोस्ट द्वारा हम कोरोना वायरस से सम्बंधित अभी तक ज्ञात सभी जानकारी को सम्मिलित करने की कोशिश कर रहे है. आशा करते है यह जानकारी आपको पसंद आएगी .

क्या है कोरोना वायरस?

वैसे तो कोरोना (CoronaVirus) एक तरह का सामान्य वायरस है जो आपकी नाक, साइनस या ऊपरी गले में संक्रमण का कारण बनता है। अधिकांश कोरोना वायरस खतरनाक नहीं हैं। यद्यपि कुछ प्रकार के कोरोना वायरस बहुत गंभीर भी होते हैं। कोरोना वायरस (CoV) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम व सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है|

यंहा जिस खतरे की बात हो रही है उसका नाम है – नोवेल कोरोना वायरस | दरअसल कोरोना वायरस अकेला वायरस नहीं है बल्कि यह कई समूह है | इस नए वायरस के जेनेटिक कोड के विश्लेषण से यह पता चलता है कि यह मनुष्यों को संक्रमित करने की क्षमता रखने वाले अन्य कोरोना वायरस की के लक्षण ‘सार्स'(SARS) से काफी मिलते-जुलते है और सार्स नाम के कोरोना वायरस को काफी खतरनाक माना जाता है।

विकिपीडिया/Wikipedia के अनुसार

“कोरोनावायरस (Coronavirus) कई वायरस (विषाणु) प्रकारों का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग के कारक होते हैं। यह RNA वायरस होते हैं। मानवों में यह श्वास तंत्र संक्रमण के कारण होते हैं, जो अधिकांश रूप से मध्यम गहनता के लेकिन कभी-कभी जानलेवा होते हैं। गाय और सूअर में यह अतिसार (diarrhea)और मुर्गियों में यह ऊपरी श्वास तंत्र के रोग के कारण बनते हैं। इनकी रोकथाम के लिए कोई टीका (वैक्सीन) या वायररोधी (antiviral) उपलब्ध नहीं है | उपचार के लिए प्राणी को अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली पर निर्भर रहता है और रोगलक्षणों (जैसे डीहाइड्रेशन, ज्वर, आदि) का उपचार किया जाता है ताकि संक्रमण से लड़ते हुए शरीर की शक्ति बनी रहे।“

कोरोना वायरस का नामकरण

लेटिन भाषा में “कोरोना” का अर्थ “मुकुट” होता है और इस वायरस के कणों के इर्द-गिर्द उभरे हुए कांटे जैसे ढाँचों से मुकुट जैसा आकार दिखता है, जिस पर इसका नाम रखा गया था।

कोरोना वायरस का शुरुआती सोर्स क्या है ?/ Source of Coronavirus.

यह वायरस जानवरों से फैलता है| शुरुआत में जो भी संक्रमण के मामले आये वे सभी चीन प्रान्त के वुहान (Wuhan) के सी फ़ूड मार्केट में काम करने वाले और खरीदारी करने आये लोगो से मिले थे| जहाँ तरह-तरह के प्राणी माँस के लिए बिकते थे। सम्भव है कि यह आरम्भ में चमगादड़ से मानव में फैला हो क्योंकि इस बाज़ार में चमगादड़ भी खाए जाते हैं और इस वायरस का चमगादड़ों में पाए जाने वाले कुछ कोरोनावायरस से अनुवांशिक समानताएँ मिलती हैं।

कोरोना वायरस का अतीत क्या है ?/ Past of coronavirus.

1960 के दशक में कोरोना वायरस की पहली पहचान की गई थी, लेकिन हम नहीं जानते कि वे कहां से आते हैं। वे अपने मुकुट जैसी आकृति से अपना नाम प्राप्त करते हैं। कभी-कभी, लेकिन अक्सर नहीं, एक कोरोनावायरस जानवरों और मनुष्यों दोनों को संक्रमित कर सकता है।

कोरोना वायरस के कुछ दुसरे प्रकार पहले ही कई बार तबाही मचा चुके है। जैसे सन 2002-2003 में फैला सार्स/SARS (सीवियर  एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम ) के प्रकोप से लगभग आठ हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे और 774 लोगों की मौत हुई थी।

सन 2012 में फैले मर्स/MERS (मिडिल ईस्टर्न रेस्पिरेटरी सिंड्रोम) जिसके लक्षण पहली बार दिखाई दिए थे, के  संक्रमण की दर कम थी परन्तु म्रत्यु दर (लगभग 858 लोग) कई गुनाज्यादा थी, इसे पहली बार 2012 में सऊदी अरब और फिर मध्य पूर्व, अफ्रीका, एशिया और यूरोप के अन्य देशों में दिखाई दिए। अप्रैल 2014 में, पहला अमेरिकी इंडियाना में MERS के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ और फ्लोरिडा में एक और मामला सामने आया। मई 2015 में, कोरिया में MERS का प्रकोप हुआ, जो अरब प्रायद्वीप के बाहर सबसे बड़ा प्रकोप था।

विश्व ग्लोब पर कोरोना वायरस का प्रभाव कंहा तक है ?

इस नए वायरस को दिसंबर 2019 से पहले कभी नहीं देखा गया इस वायरस का संक्रमण चीन के वुहान (Wuhan) में शुरू हुआ था WHO ने इस नए प्रकार के उपन्यास की कोरोनावायरस (2019-nCoV) के रूप में पहचान की है । जनवरी 2020 के अंत तक चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है| इससे संबंधित निमोनिया के अब तक 4,515 पुष्ट मामले सामने आए हैं| एक अनुमान के मुताबिक इसके मामले और बढ़ने की संभाबना है क्यूंकि अभी तक इसका कोई ठोस इलाज नहीं बन पाया है|

चीन के अलावा, थाइलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, वियतनाम, सिंगापुर, मलेशिया, नेपाल, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, भारत और श्रीलंका में भी कोरोना वायरस से संक्रमण की पुष्टि हुई है|

क्या पालतू जानवर भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं ?

वैस तो यह वायरस जानवरों से मनुष्यों में फैला है पर आपके पालतू जानवर भी इससे संक्रमित हो सकते हैं। 2011 के अध्ययन के अनुसार, बिल्लियों में संक्रामक पेरिटोनिटिस हो सकता है। एक पैंट्रोपिक कैनाइन कोरोना वायरस बिल्लियों और कुत्तों को संक्रमित कर सकता है।

कोरोना वायरस के लक्षण क्या है? / Symptoms of coronavirus.

अधिकांश कोरोनोवायरस (Coronavirus के लक्षण किसी अन्य ऊपरी श्वसन संक्रमण के समान होते हैं, जिसमें बहती नाक, खांसी, गले में खराश और कभी-कभी बुखार भी शामिल है। ज्यादातर मामलों में, आपको पता नहीं चलेगा कि आपको कोरोनोवायरस है या कोई अलग सर्दी पैदा करने वाला वायरस, जैसे कि राइनोवायरस।

लेकिन यदि कोरोनोवायरस (Coronavirus संक्रमण निचले श्वसन मार्ग (आपके विंडपाइप और आपके फेफड़ों) में फैलता है, तो इससे निमोनिया हो सकता है, विशेष रूप से वृद्ध लोगों में, हृदय रोग वाले लोग, या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग।

इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना, सिर में तेज दर्द, निमोनिया, छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना, थकान महसूस करना, ब्रॉन्काइटिस और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं| यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जानी चाहिए

कोरोना वायरस कितना खतरनाक है ?

संक्रमण के बाद मरीज की स्तिथि ऑर्गन फेलियर की तक जा सकती है  क्यूंकि यह एक तरह का निमोनिया है तो एसी स्तिथि में इसके लिए एंटी-बायोटिक्स और एंटी-वायरल ड्रग्स का कोई असर नहीं होता है| इन्फेक्शन होने पर फेफड़ो और बाकी अन्य ओर्गंस को सपोर्टिव सिस्टम की जरुरत पड़ सकती है | कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग या विशेष रूप से वृद्ध और बच्चे मुख्य रूप से प्रभावित होते है, इलाज की स्तिथि में रिकवरी रोगी के इम्यून सिस्टम पर ही निर्भर करती है |

कोरोना वायरस से बचाब के लिए क्या करना है? / Protection from coronavirus.

कोरोनोवायरस (Coronavirus ) के लिए कोई टीका नहीं है। कोरोनोवायरस संक्रमण को रोकने में मदद करने के लिए, सामान्य ठंड से बचने के लिए वही चीजें करें जो आप करते हैं|

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, इनके अनुसार-

  • हाथों को साबुन से धोना चाहिए.
  • अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है.
  • खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें.
  • सार्वजनिक स्थानों, सार्वजनिक यातायात के साधनों में कुछ भी छूने या किसी से हाथ मिलाने से बचें.
  • भीड़भाड़ वाली जगह पर न जाएं,यात्रा करने से बचे.
  • जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें.
  • अंडे और मांस के सेवन से बचें.
  • सब्जी और फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोकर सेवन करें.
  • जंगली और खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क में आने से बचें.

क्योंकि यह एक कोरोनोवायरस (Coronavirus) है, जो आमतौर पर श्वसन संबंधी बीमारी का कारण बनता है, WHO ने लोगों को सलाह दी है कि वे खुद को और आसपास के लोगों को बीमारी से कैसे बचाएं।

आप एक कोरोनोवायरस (Coronavirus संक्रमण का इलाज उसी तरह से करते हैं जिस तरह से आप सर्दी का इलाज करते हैं| खूब आराम करो, तरल पदार्थ पीयो, गले में खराश और बुखार के लिए ओवर-द-काउंटर दवा लें। लेकिन 19 वर्ष से छोटे बच्चों या किशोरियों को एस्पिरिन (Aspirin) न दें,  इसके बजाय इबुप्रोफेन या एसिटामिनोफेन का उपयोग करें। एक ह्यूमिडीफ़ायर या भाप से भरा शॉवर भी गले में खराश और खरोंच को कम करने में मदद कर सकता है।यदि आप बीमार हो जाते हैं, तो अपने बीमारी के लक्षणों पहचाने और तबियत खराब होने या किसी यात्रा पर जाने से पहले  डॉक्टर से संपर्क करें।

आशा करते है यह जानकारी आपको पसंद आई होगी, अपनी प्रतिक्रिया हमें कमेंट के द्वारा दे. धन्यवाद.!!

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